Hot Posts

6/recent/ticker-posts

झाँसी जेल में लगी लोक अदालत, 9 मामलों का हुआ निस्तारण

 रिपोर्ट : तारिक़ इक़बाल, झाँसी

30 बंदियों ने जुर्म स्वीकारोक्ति के लिए दिए प्रार्थना पत्र, 10 प्रार्थना पत्रों और 9 दाण्डिक वादों का अंतिम निस्तारण

झाँसी। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाँसी श्रीमती कमलेश कच्छल के मार्गदर्शन में जिला कारागार, झाँसी में निरुद्ध बंदियों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत के दौरान कुल 10 प्रार्थना पत्रों एवं 9 दाण्डिक वादों का पूर्ण एवं अंतिम रूप से निस्तारण किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव (सिविल जज सी.डी.) श्रीमती ईशा त्रिपाठी के समन्वय से आयोजित जेल लोक अदालत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, झाँसी द्वारा नामित अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, उत्तर मध्य रेलवे, झाँसी श्री प्रतीक त्रिपाठी ने जिला कारागार पहुंचकर मामलों की सुनवाई की।

जेल लोक अदालत के दौरान विचाराधीन बंदियों के मामलों की जेल परिसर में ही व्यक्तिगत रूप से विधिक सुनवाई की गई। विभिन्न मामलों में निरुद्ध बंदियों द्वारा स्वेच्छा से कुल 30 दाण्डिक वादों में जुर्म स्वीकारोक्ति के प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए। निर्धारित विधिक प्रक्रिया के तहत इन प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यायालय ने 10 प्रार्थना पत्रों तथा 9 दाण्डिक वादों का अंतिम रूप से निस्तारण किया। इससे संबंधित बंदियों को न्यायिक राहत मिली।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की मंशा के अनुरूप जेलों में निरुद्ध ऐसे बंदियों, जिनके मामले छोटे एवं सुलह-समझौते योग्य अपराधों से संबंधित हैं, उन्हें त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए नियमित रूप से जेल लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि जेल लोक अदालतों का उद्देश्य बंदियों को शीघ्र न्याय दिलाने के साथ-साथ कारागारों में अनावश्यक भीड़ को कम करना भी है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल में निरुद्ध बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल की सेवाओं तथा उनके वैधानिक अधिकारों के प्रति भी लगातार जागरूक किया जा रहा है।



Post a Comment

0 Comments