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विश्व पर्यटन दिवस पर छात्रों ने जाना बुंदेलखंड के गांवों का इतिहास, संस्कृति और ग्रामीण जीवन

रिपोर्ट : तारिक़ इक़बाल, झाँसी

पर्यटन विभाग के ग्रामीण पर्यटन टूर में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने किया पठाकरका और रानीपुर का भ्रमण, सीडीओ ने दिखाई हरी झंडी

झांसी। विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश ग्रामीण पर्यटन परियोजना के अंतर्गत रविवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विशेष ग्रामीण पर्यटन क्यूरेटेड टूर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड एवं नगर मजिस्ट्रेट ने हरी झंडी दिखाकर किया।

इस भ्रमण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों को पर्यटन ग्राम पठाकरका एवं रानीपुर ले जाया गया, जहां उन्हें क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण जीवनशैली से रूबरू कराया गया। विद्यार्थियों ने ग्रामीण परिवेश को करीब से समझने के साथ स्थानीय परंपराओं और आजीविका के साधनों की जानकारी प्राप्त की।

पठाकरका में विद्यार्थियों को चंदेलकालीन गौरहा का मठ दिखाया गया तथा क्षेत्र में की जा रही तुलसी की खेती का अवलोकन कराया गया। इस दौरान उन्हें ग्रामीण कृषि व्यवस्था, स्थानीय संसाधनों के उपयोग और उनसे जुड़ी रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी गई।

वहीं रानीपुर के देवरीसिंहपुर गांव में विद्यार्थियों ने स्थानीय भजन एवं लोक-संगीत की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लिया। इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को ग्रामीण पर्यटन से जोड़ते हुए गांवों की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली से प्रत्यक्ष परिचित कराना था।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी.के. शर्मा ने बताया कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर सृजित होते हैं। साथ ही ग्रामीण संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत और लोक परंपराओं को देश-विदेश के पर्यटकों तक पहुंचाने में भी मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी डी.के. शर्मा के नेतृत्व में आयोजित  इस भ्रमण कार्यक्रम को विद्यार्थियों ने काफी सराहा और इसे ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।



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