Hot Posts

6/recent/ticker-posts

झांसी के प्रेमनगर में 62वें विजयदशमी महोत्सव की धूम, आतिशबाजी के रोमांचक मुकाबले के बाद हुआ रावण दहन



1964 से जारी परंपरा के 62वें आयोजन में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे जय श्री राम के जयकारे

झांसी। अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और असत्य पर सत्य की विजय का पर्व विजयादशमी वीरांगना नगरी झांसी में हर्षोल्लास और पारंपरिक भव्यता के साथ मनाया गया। प्रेमनगर के ऐतिहासिक नगरा ग्राउंड में श्रीरामलीला प्रेमनाट्य समिति के तत्वावधान में 62वें भव्य विजयदशमी समारोह का आयोजन हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक, महिलाएं और बच्चे पहुंचे।

वर्ष 1964 से जारी विजयदशमी महोत्सव की परंपरा इस वर्ष भी धूमधाम से आगे बढ़ी। दोपहर से ही प्रेमनगर ग्राउंड में लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और शाम होते-होते पूरा मैदान जनसैलाब में तब्दील हो गया।

समारोह का मुख्य आकर्षण रोमांचक आतिशबाजी का मुकाबला रहा। कुशल आतिशबाजों ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए, जिससे आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। आतिशबाजी का दर्शकों ने तालियों और जयकारों के साथ आनंद लिया।

इसके बाद जय श्री राम और हर-हर महादेव के गगनभेदी जयघोष के बीच अहंकार और बुराई के प्रतीक रावण के विशाल पुतले का दहन किया गया। रावण का पुतला धू-धू कर जलते ही पूरा मैदान जय श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

समारोह में एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी, एमएलसी रमा निरंजन, संरक्षक मैथिली शरण मुदगिल, कार्यक्रम संयोजक पंडित सियाराम शरण चतुर्वेदी, सीए दुष्यंत चतुर्वेदी, समाजसेविका शिवांगी मुदगिल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र सिंह यादव, भाजपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष मुकेश मिश्रा, पंडित गौड़ बाबा चतुर्वेदी, रईस खान, अनिल कुमार शर्मा, मनीष अली समेत कई गणमान्य नागरिक और समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे।

समापन पर श्रीरामलीला प्रेमनाट्य समिति के संरक्षक मैथिली शरण मुदगिल ने अतिथियों, पुलिस-प्रशासन, मीडिया कर्मियों और आयोजन में पहुंचे क्षेत्रवासियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि छह दशकों से जनता का मिल रहा स्नेह और सहयोग ही इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है।

रावण दहन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और पर्व की खुशियां साझा कीं।

रिपोर्ट : तारिक इकबाल, झांसी

Post a Comment

0 Comments