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बांदा गैंगस्टर एक्ट मामले में दो दोषियों को 5-5 साल की सजा

रिपोर्ट: अरबाज खान(बुंदेलखंड ब्यूरो)


बांदा करीब 10 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में बांदा की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अवैध खनन, सरकारी कार्य में बाधा और मारपीट जैसी आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले में अदालत ने गैंग के दो सदस्यों को दोषी करार दिया है।विशेष न्यायालय गैंगस्टर एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, बांदा ने भुल्ली उर्फ शिवशरण यादव और उसके बेटे लाला यादव को गैंगस्टर एक्ट की धारा 3 के तहत दोषी पाया है। दोनों दोषियों को 5-5 साल के कठोर कारावास के साथ 6-6 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।दरअसल, 25 जून 2015 को थाना बदौसा में दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के मुताबिक भुल्ली उर्फ शिवशरण यादव गिरोह का लीडर था, जबकि लाला यादव गिरोह का सक्रिय सदस्य था।मामले में सामने आए साक्ष्यों के मुताबिक गिरोह की गतिविधियों में अवैध खनन भी शामिल था। 13 जुलाई 2014 को बाबेरू रोड के उतरवा क्षेत्र में अवैध बालू खनन की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी। आरोप है कि ट्रैक्टर को रोकने के दौरान विवाद हुआ और वन विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई।अभियोजन ने इस घटना समेत अन्य आपराधिक मामलों, गैंगचार्ट और आरोपियों के आपराधिक इतिहास को अदालत के सामने रखा। मुकदमे में अभियोजन की ओर से कुल 5 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और महत्वपूर्ण दस्तावेजी साक्ष्य भी पेश किए गए।लगभग एक दशक तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद 18 अगस्त 2026 को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीपाल सिंह ने फैसला सुनाया। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 5-5 साल के कठोर कारावास और 6-6 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई,अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर एक्ट सौरभ सिंह ने प्रभावी पैरवी की। वहीं पैरोकार पुष्पेंद्र कुमार, कोर्ट मुहर्रिर रघुनाथ मौर्य और अमित का भी सहयोग रहा।फिलहाल अदालत के इस फैसले को गैंगस्टर एक्ट के पुराने मामले में अभियोजन की प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर हुई महत्वपूर्ण दोषसिद्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

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