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हमीरपुर में लेखपाल के अवतार में भगवान का हुआ जन्म, मृत व्यक्ति को जिंदा करने के मांग रहा 5 हजार रुपए, भूत बनकर डीएम ऑफिस पहुंचा व्यक्ति

Story by: "DINESH KUMAR"



हमीरपुर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक जीवित व्यक्ति को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया। हैरानी की बात यह है कि जिस शख्स की सांसें चल रही हैं, वह अब सरकारी फाइलों में ‘मर चुका’ है - और अपनी ही जिंदगी का सबूत देने के लिए दफ्तर-दफ्तर भटक रहा है। लेकिन हमीरपुर में एक लेखपाल की कार्यशैली के चलते शख्स आज भी जिंदा लाश बनकर भटक रहा है। खैर लेखपाल मृत व्यक्ति को तंत्र मंत्र के सहारे जिंदा करता है या किसी सरकारी कागज़ के दम पर यह तो जांच में सामने आ ही जायेगा. बरहाल मामला सामने आने पर चर्चाओं का बाजार गर्म है कुछ लोग लेखपाल को ईश्वर का अवतार बता रहे हैं क्योंकि मुर्दे को जिंदा करना आम इंसान के बस में नहीं है.! 

योजनाओं का लाभ रुका, पहचान पर संकट

मौदहा तहसील क्षेत्र के छानी गांव निवासी चंद्रशेखर ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि राजस्व विभाग की टीम और क्षेत्रीय लेखपाल की लापरवाही (या कथित साजिश) के चलते उसे अभिलेखों में मृत दर्शा दिया गया।सरकारी रिकॉर्ड में ‘मृत’ दर्ज होने के कारण वह किसी भी शासकीय योजना का लाभ नहीं ले पा रहा है। राशन, पेंशन, आयुष्मान, आवास— हर जगह सिस्टम उसे मृत बता रहा है। गांव में लोग मजाक में कह रहे हैं, “सरकारी कागजों में तो तुम इस दुनिया में रहे ही नहीं!” 

जिंदा करने के नाम पर रिश्वत का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि जब वह इस गड़बड़ी को लेकर संबंधित लेखपाल के पास पहुंचा, तो सुधार करने के बजाय उससे पांच हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि साफ शब्दों में कहा गया - “रुपये दोगे तो कागजों में फिर से जिंदा कर देंगे।” आर्थिक रूप से कमजोर चंद्रशेखर का कहना है कि उसके लिए पांच हजार रुपये जुटाना भी मुश्किल है। ऐसे में वह रिश्वत देने के बजाय न्याय की उम्मीद लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

चंद्रशेखर ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि उसे तत्काल अभिलेखों में जीवित घोषित किया जाए और दोषी कर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वही दूसरी तरफ जिले में चर्चाओं का बाजार गर्म है कोई लेखपाल को भगवान का अवतार बता रहा है तो कोई झाड़ फूंक करने वाला तांत्रिक लेखपाल.!

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