रिपोर्ट :दिनेश सविता
हमीरपुर- मासूम बच्ची को तालीम देने के नाम पर मस्जिद में दरिंदगी करने वाले मौलाना को आखिरकार अदालत ने ऐसी सजा सुनाई, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अनिल कुमार खरवार की अदालत ने आरोपी मौलाना को दोषी करार देते हुए जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 26 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार कुरारा थाना क्षेत्र के एक गांव में स्थित मस्जिद में आरोपी मौलाना बच्चों को पढ़ाने का काम करता था। 29 नवंबर 2023 की सुबह करीब सात बजे गांव की 11 वर्षीय बच्ची और उसका 10 वर्षीय भाई रोज की तरह पढ़ने के लिए मस्जिद पहुंचे थे।
आरोप है कि मौलाना मुंतजिर आलम पुत्र रजाबुल हक उर्फ जैदुर रहमान निवासी कोचगढ़ थाना रौटा जिला पूर्णिया (बिहार) ने पहले बच्चों को अलग-अलग काम में लगा दिया। किसी को बर्तन धुलवाए तो किसी को बाहर भेज दिया। इसके बाद उसने मासूम बच्ची को अकेला रोक लिया। पीड़िता ने बताया कि उससे झाड़ू लगवाई जा रही थी। इसी दौरान मौलाना उसे जबरन कमरे के अंदर ले गया और उसके साथ दरिंदगी की। घटना के बाद डरी-सहमी बच्ची रोते हुए घर पहुंची और परिवार को पूरी आपबीती सुनाई। बच्ची की बात सुनते ही घर में कोहराम मच गया। परिजन तत्काल बच्ची को लेकर थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अदालत में पेश गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। फैसला सुनाते हुए अदालत ने साफ कहा कि मासूम बच्चों के साथ ऐसी घिनौनी हरकत करने वालों के प्रति किसी तरह की नरमी नहीं बरती जा सकती। कोर्ट के इस फैसले को लेकर जिलेभर में चर्चा रही और लोगों ने इसे न्याय की बड़ी जीत बताया है।

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