रिपोर्ट : तारिक़ इक़बाल, झाँसी
35 और 25 साल पुराने मुकदमों का आपसी सुलह से निस्तारण, वर्षों से अदालतों के चक्कर काट रहे वादकारियों को मिली बड़ी राहत
झांसी। सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली में 21 से 23 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झांसी ने बड़ी सफलता हासिल की हैं। सर्वोच्च न्यायालय से प्रेषित मामलों में से तीन पुराने एवं जटिल मुकदमों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से अंतिम निस्तारण कराया गया। इनमें एक मामला करीब 35 वर्ष और दूसरा 25 वर्ष पुराना था।
दशकों से चली आ रही कानूनी लड़ाई के समाप्त होने से वादकारियों को अदालती भागदौड़, आर्थिक खर्च और मानसिक तनाव से राहत मिली। यह सफलता जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती कमलेश कच्छल के मार्गदर्शन में संभव हुई।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं नोडल अधिकारी शरद कुमार चौधरी की देखरेख में मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए चार विशेष पीठों का गठन किया गया। पीठों ने पक्षकारों की काउंसलिंग कर उन्हें आपसी सुलह के लिए प्रेरित किया, जिसके परिणामस्वरूप वर्षों पुराने विवादों का शांतिपूर्ण समाधान संभव हुआ।
वहीं, प्राधिकरण की सचिव श्रीमती ईशा त्रिपाठी सहित न्यायिक, विधिक, प्रशासनिक टीम, एलएडीसी एवं परा-विधिक स्वयंसेवकों ने निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आपसी सुलह-समझौता ही न्याय का सबसे सुलभ, शांतिपूर्ण और मानवीय स्वरूप है। वर्षों पुराने विवादों का आपसी सहमति से समाप्त होना न केवल पक्षकारों को राहत देता है, बल्कि समाज में सौहार्द और भाईचारे को भी मजबूत करता है।



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