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झाँसी पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 50 महिला-पुरुष मुक्त, 8 आरोपी गिरफ्तार

रिपोर्ट :- तारिक इकबाल झांसी 

फर्जी कंपनी की आड़ में नेटवर्किंग और मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर करते थे ठगी

झांसी। झांसी पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों को बुलाकर बंधक बनाने और नेटवर्किंग/मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि उनके कब्जे से बंधक बनाए गए 50 महिला-पुरुषों को सकुशल मुक्त कराया गया।

पुलिस के मुताबिक, थाना प्रेमनगर क्षेत्र के बिजौली चौकी अंतर्गत कृष्णा कॉम्प्लेक्स, एल्डिको राजगढ़ स्थित माँ लक्ष्मी एसोसिएट के कार्यालय में फर्जी नौकरी और नेटवर्किंग के नाम पर गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना पर सहायक पुलिस अधीक्षक झांसी सिमरन सिंह और क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम असमा वकार के नेतृत्व में पुलिस टीमों का गठन किया गया।

साइबर थाना, थाना बरुआसागर और थाना बबीना की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और कार्यालय में बंधक बनाकर रखे गए 50 लोगों को मुक्त कराया गया।

प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने कार्यालय में बुलाते थे। इसके बाद उन्हें धमकाकर बंधक बना लिया जाता था। बंधक बनाए गए लोगों से उनके परिचितों और अन्य लोगों को फोन करवाकर नौकरी का लालच देकर झांसी बुलाया जाता था।

आरोपियों द्वारा एंट्री फार्म के नाम पर 1,100 रुपये और नौकरी शुरू कराने के नाम पर 25 से 30 हजार रुपये तक नकद लिए जाते थे। इसके बाद नेटवर्किंग और मल्टी लेवल मार्केटिंग के नाम पर लोगों से और रकम वसूली जाती थी।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह से जुड़े लोग पूर्व में वाराणसी और लखनऊ में भी इसी तरह के फर्जी कार्यालय संचालित कर चुके हैं। वहां पुलिस कार्रवाई के बाद गिरोह के कुछ सदस्य झांसी आ गए और पिछले करीब 2-3 महीनों से किराए के कार्यालय एवं प्रशिक्षण केंद्र से कथित तौर पर यही गतिविधियां चला रहे थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 8 मोबाइल फोन, नकदी, 52 स्टाम्प पेपर, 6 रजिस्टर, 5 कॉपियां, 6 डायरी, 9 प्रमाण-पत्र, आवेदन फार्म की 9 डायरी, 1 कैशबुक, 3 इन्क्वायरी बुक और एक TVS मोटरसाइकिल बरामद की है।

गिरफ्तार आरोपियों में रामसिंह मीणा, लखन मेहता, बब्लू, आलोक कुमार, प्रयागराज, मोहित वर्मा, सुरेन्द्र और नितेश शामिल हैं। इनमें अधिकांश आरोपी राजस्थान के टोंक क्षेत्र से बताए गए हैं, जबकि एक आरोपी बिहार का निवासी है।

पुलिस ने मामले में चीट्स एंड मनी सर्कुलेशन स्कीम्स (बैनिंग) एक्ट, 1978 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास, बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल माध्यमों की जांच कर रही है। साथ ही ठगी की कुल रकम, पीड़ितों की संख्या और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। 

कार्रवाई करने वाली टीम में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह यादव, बबीना थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक राहुल राठौर, बरुआसागर थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक प्रकाश सिंह, महिला थाना प्रभारी नीतू तथा पुलिस बल शामिल रहा।

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